हस्तशिल्प

उत्तराखंड हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास परिषद् इस क्षेत्र को प्रोत्साहित करता है तथा शिल्पकारों, उत्पादक, ग्राहक, कारीगरों तथा विशेषज्ञों के बीच सीधा संवाद उपलव्ध करवाता है | राज्य ऊनी हथकरघा, कपास, रेशम के उत्पादन में विशेषज्ञता प्राप्त करने के साथ ही अन्य प्राकृतिक रेशों का उत्पादन व नए सयोंग करने में दक्षता प्राप्त कर रहा है |

प्राचीन काल से ही उत्तराखंड के निवासी यहाँ कला व शिल्पकारी में योगदान करते रहे हैं तथा आज भी इसे संजो कर रखा है | शिल्प उत्पाद के अंतर्गत कई जगह उपयोग किये जाने वाले सामान जैसे दरवाजे, खिड़की, कालीन, चटाई, टोकरी, तांबे के बर्तन हों या चाहे यहाँ के लोक कला एपण हो इन सभी में गढ़वाल की बनावट एवं प्रकृति का एक अदभुत स्पर्श झलकता है |
गढ़वालियों के द्वारा बनाये गए कुछ हस्तशिल्प उत्पाद निम्नवत हैं |

1- जूट के बैग :- जूट द्वारा बनाये गए बैग घर में सामान्यतया प्रयोग होने वाली वस्तुओं को ले जाने हेतु उपयुक्त होते हैं | यह उत्पाद 100 प्रतिशत प्राकृतिक, पर्यावरण के अनुकूल एवं जैव निम्नीकरण योग्य होते हैं | यह उत्पाद मुख्यतया भारतीय ग्रामोउत्थान संस्था द्वारा बनाये गए स्वयं सहायता समूहों की लाभार्थी महिलाओं द्वारा बनाये जाते हैं |

2- झूमर :- यह उत्पाद भी 100 प्रतिशत प्राकृतिक एवं पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और घरेलु महिलाओं द्वारा समूह व्यवस्था में बनाये जाते हैं |

3- योगा चप्पल :- योग चप्पल सपाट एवं आरामदायक होती हैं | यह जूट के रेशों द्वारा बनायीं जाती हैं एवं पूर्ण रूप से प्राकृतिक एवं पर्यावरण के अनुकूल होती हैं|

4- जूट से बनी फलों की टोकरी :- इसका उपयोग फलों, सब्जियों एवं अन्य घरेलु सामान रखने के लिए किया जाता है, साथ ही इनका उपयोग मंदिरों में प्रसाद एवं फूलों को ले जाने के लिए भी किया जाता है |

5- जूट से बने गणेश :- यह मनमोहक उत्पाद जूट के रेशों द्वारा हाथ से बनाया जाता है तथा इसे घरों की दीवारों पर शुभांकर के रूप में लगाया जाता है | यह उत्पाद हिन्दू धर्म के प्रमुख भगवान् श्री गणेश जी की प्रांजलता एवं महानता को प्रदर्शित करता है | यह उत्पाद घर के मंदिरों में रखने तथा विशेष आयोजनों यथा गृह प्रवेश आदि पर उपहार स्वरुप दिए जाने हेतु अति उत्तम है |

6- जूट से बनी डोर मेट :- डोर मेट घर में सफाई हेतु प्रयोग होने वाला एक आवश्यक उत्पाद है | जूट के रेशों एवं प्राकृतिक रंगों से बने ये डोर मेट बहुत आकर्षक एवं उच्च गुणवत्ता युक्त होते हैं | ये घर के प्रवेश द्वार, रसोई घर एवं स्नानघर के द्वार पर प्रयोग किये जाते हैं |

7- जूट आसन :- जूट के रेशों से बने आसन पूजाघर के लिए आदर्श उत्पाद हैं | ये प्राकृतिक रंगों में बहुत ही आकर्षक एवं उत्कृष्ट गुणवत्ता के होते हैं |

टिहरी गढ़वाल प्रदेश में हस्तशिल्प के क्षेत्र में हथकरघा एवं हस्तशिल्प के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है | इन उत्पादों का व्यवसायीकरण करते हुए यह हस्तशिल्प के क्षेत्र में रोजगार संभावनाओं को भी बढ़ा रहा है |